Posts

DivinePlay Of Kabir Saheb...

Image
"DivinePlay_Of_GodKabir"👇 🔅सम्मन को पार करना :- सम्मन बहुत गरीब था। जब कबीर परमात्मा का भक्त बना। तब परमात्मा के आशीर्वाद से दिल्ली का महान धनी व्यक्ति हो गया , परंतु मोक्ष की इच्छा नहीं बनी। सम्मान ने अपने परमेश्वर रूप सतगुरु के लिए अपने बेटे की कुर्बानी की थी। जिस कारण अगले जन्म में नौशेरखान शहर के राजा के घर जन्मा। फिर ईराक देश में बलख नामक शहर का राजा अब्राहिम सुल्तान बना। परमात्मा ने उस आत्मा के लिए अनेकों लीलाएं की और उसका उद्धार किया।

Kabir Prakat Diwas Not Jayanti..

Image
"5 जून 2020 कबीर प्रकट दिवस" "KabirPrakatDiwasNotJayanti" 🌺 सतगुरु रामपाल जी महाराज जी प्रमाणित करके बताते हैं:-👇 🎆कबीर साहेब जयंती VS कबीर साहेब प्रकट दिवस ! कबीर साहेब ने अपनी वाणियों में स्पष्ट किया है, कि उनका जन्म नहीं होता। ना मेरा जन्म न गर्भ बसेरा, बालक बन दिखलाया। काशी नगर जल कमल पर डेरा, तहाँ जुलाहे ने पाया। माता पिता मेरे कछु नाही, ना मेरे घर दासी। जुलहे का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हांसी।। गरीब, भक्ति मुक्ति ले उतरे, मेटन तीनूं ताप। मोमन के डेरा लिया, कहै कबीरा बाप।। 1DayLeft_KabirPrakatDiwas

DeepKnowlegde Of Kabir Sahab..

Image
DeepKnowlegde Of Kabir Saheb..  🌿"परम दिव्य ज्ञान"(तत्वज्ञान)👇 🌺 *सतगुरु रामपाल जी महाराज * प्रमाणित करके बताते हैं :- कि हमारे पवित्र शास्त्रों में लिखा है कि  परमेश्वर कबीर साहेब ही स्वयं तत्वदर्शी संत बन कर आते हैं या किसी संत के चोले में आते हैं और अपने पुण्य कर्मी भक्त आत्माओं को "तत्वज्ञान" (परम दिव्य ज्ञान) बताते हैं और "सतभक्ति" प्रदान करके सतलोक के वासी बनाते हैं।  "परम दिव्य ज्ञान"👇 परमेश्वर कबीर साहेब जी ने ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश के माता-पिता का ज्ञान कराया तथा उनकी उत्पत्ति बताई। कबीर साहिब ने ही सतलोक का ज्ञान दिया है। और कहा है कि "तत्वज्ञान" को आधार बनाकर  "शास्त्रानुकूल सतभक्ति" करके सतलोक आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। शास्त्रानुकूल सतभक्ति करने की विधि की संपूर्ण जानकारी के लिए वेबसाइट Visit करें 👇 www.jagatgururampalji.org #2DaysLeft_KabirPrakatDiwas

DivinePlay Of Kabir Saheb..

Image
"DivinePlay_Of_GodKabir" 🌺 "मीरा बाई को शरण में लेना"!! 🔅परमेश्वर कबीर साहेब कहते हैं कि मैं भक्त आत्माओं को शरण में लेने के लिए सौ छल-छिद्र कर लेता हूँ! गरीबदास जी की भी वाणी है-  सौ छल-छिद्र मैं करू, अपने जन के काज। गरीबदास ढूंढत फिरूं, हीरे माणिक लाल।। 👉इसी क्रम में मीरा बाई को शरण में लेना! मीरा बाई पहले श्री कृष्ण जी की पूजा करती थी। एक दिन संत रविदास जी तथा परमात्मा कबीर जी का सत्संग सुना तो पता चला कि श्री कृष्ण जी नाशवान हैं। समर्थ अविनाशी परमात्मा अन्य है। संत रविदास जी को गुरू बनाया। फिर अंत में कबीर जी को गुरू बनाया। तब मीरा बाई जी का सत्य भक्ति का बीज बोया गया। गरीब, मीरां बाई पद मिली, सतगुरु पीर कबीर।  देह छतां ल्यौ लीन है, पाया नहीं शरीर।।

Miracles Of Kabir Saheb..

Image
*5 जून 2020 कबीर साहेब प्रकट दिवस* *"Miracles_Of_GodKabi"* 💥"भैंसे से वेद मन्त्र बुलवाना" एक समय तोताद्रि नामक स्थान पर पंडित लोगों ने सत्संग किया था जिसमें काशी से स्वामी रामानंद जी को भी आमंत्रित किया था। तो उनके साथ कबीर साहेब भी आए थे। सत्संग के पश्चात भण्डारा होना था। वे पंडित लोग कबीर जी को नीच जाति का मानकर उसे पंडितों के भंडारे से अलग करना चाहते थे तो उन्होंने शर्त रखी कि भंडारे में भोजन करने वाले व्यक्ति को वेद के चार मन्त्र बोलने पर प्रवेश मिलेगा। कबीर साहेब की बारी आई तब थोड़ी सी दूरी पर घास चरते हुए भैंसे को हुर्रर-हुर्रर करते हुए बुलाया।  तब कबीर जी ने भैंसे की कमर पर थपकी लगाई और कहा कि भैंसे इन पंडितों को वेद के चार मन्त्र सुना दे। भैंसे ने छः मन्त्र सुना दिए। सभी पंडित लोग कबीर साहेब के सामने नतमस्तक हो गए। कबीर साहेब अविनाशी परमात्मा है।

" 52 Cruelities On GodKabir "

Image
परमेश्वर कबीर साहेब चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रसार करने आते हैं। 👉इसलिए कलयुग में वास्तविक कविर्देव(कबीर प्रभु) नाम से प्रकट हुए थे, उस समय एक शेखतकीे नाम का पीर जो सभी मुसलमानों का धर्म गुरु (पीर)था। वह दिल्ली सम्राट सिकंदर लोदी का भी धर्म गुरु था।  सिकंदर लोदी का असाध्य रोग कबीर साहेब के आशीर्वाद मात्र से ठीक हो गया और कबीर साहेब ने अपने गुरु स्वामी रामानंद जी को जिंदा कर दिया तो यह देखकर राजा कबीर साहेब की महिमा गाने लगे, जिससे शेखतकी को परमात्मा कबीर जी से ईर्ष्या हो गई। इस कारण से:-👇 ️शेखतकी ने जुल्म गुजारे, बावन करी बदमाशी, खूनी हाथी के आगे‌ डालै, बांध जूड अविनाशी, हाथी डर से भाग जासी, दुनिया गुण गाती है। शेखतकी ने अविनाशी को मारने के लिए खूनी हाथी के आगे डाला। हाथी कबीर भगवान के पास जाते ही डर कर भाग गया। तब लोगों ने कबीर साहेब की जय-जय कार की। कबीर भगवान अविनाशी है।

GodKabir Comes In 4 Yugas.

Image
परमेश्वर कबीर साहेब चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रसार करने आते हैं। सतयुग में सतसुकृत नाम से प्रकट हुए हैं, त्रेतायुग में मुनींद्र नाम से प्रकट हुए हैं, द्वापर युग में करुणामय नाम से प्रकट हुए हैं तथा कलयुग में वास्तविक कविर्देव(कबीर प्रभु) नाम से प्रकट हुए हैं।